Thursday, November 17, 2016

कलक्टर ने किया ‘डूंगरपुर बर्डफेयर 2016’ के लोगो का विमोचन


  बर्डफेयर के माध्यम से बन रही है डूंगरपुर की अनूठी पहचान - कलक्टर

 
डूंगरपुर, 9 नंबर/जिला कलक्टर सुरेन्द्र कुमार सोलंकी ने कहा है कि लगातार चौथे र्ष आयोजित हो रहा डूंगरपुर बर्डफेयर इस अंचल की नैसर्गिक संपदा को देश-प्रदेश तक पहुंचा रहा है, जिला प्रशासन द्ारा किए जा रहे प्रयासों के कारण अब डूंगरपुर की पहचान बर्डफेयर के माध्यम से भी बन रही है।  
कलक्टर सोलंकी ने यह िचार बुधार को यहां कलेक्ट्रेट में आगामी 12 13 जनवरी को आयोजित होने ाले ‘डूंगरपुर बर्डफेयर 2016’ के लोगो के िमोचन दौरान ्यक्त किए। 
उन्होंने बर्डफेयर के दौरान एक िशेष कार्यशाला के आयोजन के निर्देश देते हुए कहा कि बर्डफेयर के आयोजन के दौरान जिला प्रशासन द्ारा देश-प्रदेश के बर्डॉचर्स, पर्यारण शौधार्थियों और पर्यारण प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए उन पर्यारणीय िशिष्टताओं को दिखाया जाएगा जो देश-प्रदेश के अन्य जिलों में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने िश्ास ्यक्त किया कि यहां आने ाले पर्यटक और बर्डॉचर्स इस बर्डफेयर से किसी भी रूप में निराश नहीं होंगे।
 
 
इस दौरान जिला कलक्टर, डूंगरपुर बर्ड्स संस्थान सदस्य चित्रकार रूपेश भासार, सहायक निदेशक (जनसंपर्क) कमलेश शर्मा पर्यारणीय िषयों के जानकार ीरेन्द्रसिंह बेड़सा ने बर्डफेयर लोगो का िमोचन किया। लोगो की डिजाईन करने ाले चित्रकार भासार ने कलक्टर कोगत कराया कि इस लोगो में राज्य सरकार द्ारा जिले के लिए घोषित शुभंकर पेन्टेड स्टॉर्क के साथ गेपसागर झील के साथ प्रशासन की पर्यारण संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाने ाली हरी पत्तियों के समाेश करते हुए आकर्षक स्रूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही डूंगरपुर की पहचान स्थापित करने ाली पहाडि़यों के साथ उदित होते सूर्य के माध्यम से इस लोगो को आकर्षक बनाने के प्रयास किए गए हैं। 
 
कलक्टर सोलंकी ने लोगो की डिज़ाईन की तारीफ करते हुए इस मौके पर प्रकाशित होने ाले साहित्य में भी इस लोगो के भरपूर उपयोग के निर्देश दिए। 
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फोटो केप्शन: डूंगरपुर/आगामी 12 13 जनवरी को आयोजित होने ाले ‘डूंगरपुर बर्डफेयर 2016’ के लोगो का िमोचन करते जिला कलक्टर सुरेन्द्र कुमार सोलंकी।

1 comment:

  1. सबसे पहले जिला प्रशासन और आयोजक जानो को (नेचर क्लब के )सभी क्रियाशील सदस्यों को बधाई.
    जिनके अथक प्रायसो की वजह से डूंगरपुर में हर साल की भांति इस बार भी बर्ड-फेयर का आयोंजान हो रहा है.
    पिछले साल मैंने इस बर्ड-फेयर में भाग लिया था, जिसके फलस्वरूप आज मै पर्यावरण संरक्षण , वन्यजिव-संरक्षण और जागरूकता के लिये विभिन्न क्लबो, संस्थाओ व व्यक्तिगत रूप से काम करने वाले लोगो के साथ जुड़कर आज इस मुहीम में कार्यरत्त हूँ.
    और मेरे इन सभी चेतनावों का वजह यह है कि डूंगरपुर बर्ड-फेयर हमे साल में एक ऐसा दिवस प्रदान करता है,
    जहाँ पर एक आम आदमी अपने दैनिक जीवन से बहार निकल कर अपने आसपास में रहने वाले उन प्राणियों,पंक्षियों के नामोरम जीवनचर्या से अवगत होता है, और उनके वजूद को बचाये रखने में अपना विभिन्न (लेख लिखना, फोटोग्राफी करना, चित्र बनाना इत्यादी) तरह से योगदान और प्रेम प्रदर्शित करता है.
    पृथ्वी पर संतुलन बनाये रखने के लिए सभी जीवो का बचाव व् संरक्षण बेहद जरुरी है, यह सन्देश डूंगरपुर बर्ड-फेयर बहुत हीं रोचक तरीके से देते आ रहा है.
    पिछले कई सालो से और इस कार्य से डूंगरपुर जिले का शान इसके एतिहासिक कामो के अलावा भी बढ़ रहा है और देश-प्रदेश के कई लोगो को ये प्रकृति प्रेम से जोड़ भी रहा है.
    मुझे व्यक्तिगत रूप से अपार हर्ष हो रहा हैइसके आयोजन से.

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